
अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस, सहरसा के बैनर तले गुरुवार को 250 से अधिक सफाई कर्मियों ने कोसी प्रमंडल आयुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में नगर परिषद सुपौल सहित नगर पंचायत बनगांव, नवहट्टा और सौरबाजार में कार्यरत सफाई कर्मियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित नगर निकायों के अधिकारियों, मुख्य पार्षदों और एनजीओ हर्षसिद्धि पर सफाई कर्मियों के शोषण का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
कोसी प्रमंडल अध्यक्ष कुशाग्र कुमार गब्बर के नेतृत्व में सफाई कर्मियों ने गांधी पथ स्थित कार्यालय से विरोध मार्च निकाला। हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर निकले सफाई कर्मी नारेबाजी करते हुए आयुक्त कार्यालय पहुंचे और वहां प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कुशाग्र कुमार गब्बर ने कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मियों को लंबे समय से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नगर निकायों में सफाई कर्मियों के रिक्त पदों पर दैनिक वेतनभोगी के रूप में नियुक्ति नहीं की जा रही है। वहीं, फर्जी सफाई कर्मियों के नाम पर लाखों रुपये की कथित अवैध निकासी कर राशि के बंदरबांट का आरोप भी लगाया गया।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को बिहार गजट अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान नहीं होता है। ईपीएफ के नाम पर राशि की कटौती तो की जाती है, लेकिन आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों के खातों में पूरी राशि जमा नहीं कराई जाती।
इसके अलावा सफाई कर्मियों को काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एनजीओ हर्षसिद्धि के खिलाफ आवाज उठाने वाले सफाई कर्मियों को काम से हटाने की धमकी दी जाती है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई करने तथा सफाई कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी, नियमित वेतन, ईपीएफ और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की।





