पलामू विश्रामपुर से इटको तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को लेकर जमीन अधिग्रहण का मामला तूल पकड़ने लगा है। सड़क निर्माण के लिए एकतरफा जमीन अधिग्रहण किए जाने की आशंका पर ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस संबंध में नावाडीह कला, छिपादोहर खुर्द, छिपादोहर कला और विश्रामपुर के ग्रामीणों ने विश्रामपुर अंचल अधिकारी (सीओ) को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष तरीके से जमीन अधिग्रहण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कुछ स्थानों पर केवल एक तरफ के रैयतों की जमीन लेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे एक तरफ के जमीन मालिकों को अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जबकि सड़क के दूसरी तरफ के रैयतों की जमीन प्रभावित होने से बच सकती है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को असमान बताते हुए प्रशासन से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समानता बरतने की मांग की है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में पूर्व में हुई सड़क मापी का हवाला देते हुए बताया कि सड़क की कुल चौड़ाई 30 फीट निर्धारित की गई थी। इसके तहत सड़क के दोनों तरफ से 15-15 फीट जमीन लेने की बात तय हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि जब पूर्व में दोनों तरफ से समान रूप से जमीन लेने का निर्णय हुआ था, तो वर्तमान में एकतरफा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है।
ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी से मांग की है कि पूर्व निर्धारित मापी के आधार पर ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि किसी एक पक्ष के रैयतों को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र के विकास और आवागमन की सुविधा के लिए जरूरी है, लेकिन विकास कार्य के नाम पर किसी के साथ असमान व्यवहार नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
**संवाददाता – सत्यम शुक्ला की रिपोर्ट**








