बिहार की राजधानी पटना में नकली और मानकहीन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के खिलाफ खाद्य संरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने अलग-अलग इलाकों में चार प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में पानी की बोतलें जब्त कर नष्ट की हैं। कार्रवाई के दौरान डुप्लीकेट बिसलेरी के नाम पर बेचे जा रहे पानी का भी खुलासा हुआ है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कई प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
दरअसल, आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 2 नवंबर को पटना के चार प्रतिष्ठानों में जांच की गई।
पहली कार्रवाई मनोहरपुर-कचुआरा स्थित एस. हाइड्रेला में हुई। यहां बिसलेरी के नाम पर डुप्लीकेट पानी पाया गया। टीम ने 1 लीटर और 500 मिलीलीटर की कुल 2,400 लीटर सामग्री जब्त कर नष्ट कर दी। जांच में लेबल पर दूसरे प्रतिष्ठान का पता और लाइसेंस नंबर पाया गया। इसके अलावा साफ-सफाई, कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और यूनिफॉर्म से जुड़ी कमियां भी मिलीं। इसके बाद प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
वहीं, बरी पहाड़ी स्थित मां एंटरप्राइजेज से बिसलेरी की कुल 15 हजार 168 बोतलें जब्त कर नष्ट की गईं। इनकी कीमत 62 हजार 645 रुपये बताई गई है। इसके अलावा जांच के लिए हजारों बोतलों के नमूने भी संग्रहित किए गए।
तीसरी कार्रवाई बेउर थाना क्षेत्र के आदित्य एंटरप्राइजेज में हुई। यहां बिसलेरी समेत विभिन्न ब्रांडों के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। प्रतिष्ठान को 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, संपतचक के सोनागोपालपुर स्थित कृष्णा एंटरप्राइजेज से बिसलेरी, संजीवनी और न्यूट्री ड्रॉप ब्रांड की कुल 1 लाख 5 हजार 200 रुपये मूल्य की सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। इस प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।
खाद्य संरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेयजल की गुणवत्ता से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।





