बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई यानी एसवीयू ने बड़ी कार्रवाई की है। गोपालगंज की अपर समाहर्ता यानी एडीएम राजेश्वरी पांडेय के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में छापेमारी की गई है। एडीएम पर अपनी वैध आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 100 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस मामले में एसवीयू की टीम ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, छापेमारी के दौरान नकदी या सोना बरामद नहीं हुआ, लेकिन जमीन, मकान और वित्तीय निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
मामला गोपालगंज की अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय से जुड़ा है। विशेष निगरानी इकाई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद एसवीयू ने उनके ठिकानों की तलाशी ली।
इस कार्रवाई के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया था। इसके बाद नियुक्त मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एसवीयू की टीम ने नियमानुसार छापेमारी की। तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और अन्य कागजातों की जांच की।
हालांकि, इस दौरान टीम को मौके से नकदी या सोना नहीं मिला। लेकिन जमीन, मकान और वित्तीय निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है और अब उनकी गहनता से जांच की जा रही है।
एसवीयू के डीएसपी एके अकेला ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एडीएम राजेश्वरी पांडेय के खिलाफ पहले से ही आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज था। न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उनके ठिकानों पर नियमानुसार तलाशी अभियान चलाया गया।
फिलहाल, जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच के दौरान संपत्ति के स्रोत, जमीन-मकान में निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन से संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर एसवीयू आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे इस मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।






