जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कराना प्रत्येक परिवार के लिए बेहद जरूरी है। बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से लोगों को समय पर पंजीकरण कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। ऐसे में लोगों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सरकारी दस्तावेजों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। जन्म प्रमाण पत्र बच्चों की पहली पहचान के रूप में काम आता है, जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र कई सरकारी और प्रशासनिक कार्यों के लिए आवश्यक होता है। ऐसे में इन दोनों घटनाओं का समय पर पंजीकरण कराना जरूरी है।
बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। निर्धारित समय सीमा के अंदर पंजीकरण कराने से लोगों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सहूलियत होती है।
विभाग ने बताया कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए संबंधित सरकारी स्वास्थ्य संस्थान, नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत अथवा ग्राम पंचायत के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
वहीं, निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर भविष्य में प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान लोगों को अतिरिक्त औपचारिकताओं और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जन्म या मृत्यु की घटना के तुरंत बाद पंजीकरण कराने की पहल करना जरूरी है।
विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे जन्म और मृत्यु की घटनाओं का पंजीकरण 21 दिनों के भीतर अवश्य कराएं। समय पर पंजीकरण कराने से जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और भविष्य में सरकारी एवं प्रशासनिक कार्यों के दौरान होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।






