दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने सभी पूजा समितियों के लिए अलग से अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया है। बिना वैध कनेक्शन के सीधे बिजली के तार जोड़कर बिजली का उपयोग करना कानूनी अपराध माना जाएगा। वहीं, बिजली से संबंधित शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए तीन शिफ्ट में कंट्रोल रूम भी संचालित किया जाएगा।
आगामी दुर्गापूजा को लेकर सहरसा में विद्युत विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग के अनुसार, पूजा पंडाल समितियों को निर्धारित लोड के आधार पर तीन दिनों के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
वर्ष 2026 के लिए एक केवीए लोड पर लगभग 1,878 रुपये, दो केवीए पर 2,806 रुपये, तीन केवीए पर 3,734 रुपये, चार केवीए पर 4,662 रुपये और 10 केवीए लोड के लिए 11,481 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन शुल्कों में एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज, सर्विस कनेक्शन चार्ज और आवेदन शुल्क शामिल हैं।
दुर्गापूजा के दौरान बिजली आपूर्ति में किसी तरह की समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई के लिए प्रमंडल में तीन शिफ्ट में कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग शिफ्ट में पदाधिकारियों और विद्युत कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि शिकायतों का जल्द समाधान हो सके।
विद्युत कार्यपालक अभियंता ई. अमित कुमार ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पूजा समितियों से समय पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।
उन्होंने पूजा पंडालों में सुरक्षित वायरिंग और मानक के अनुरूप विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करने के साथ पंडालों एवं बिजली के तारों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखने पर जोर दिया।
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 92644 56421 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग ने पूजा समितियों से सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने और दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है।





