
भागलपुर बिहार के भागलपुर जिला शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी और सेवामुक्त ऑपरेटर अविनाश राज को देर रात न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) चंदन कुमार, लिपिक शिशिर कुमार झा समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अविनाश राज की पत्नी काजल और तनुजा देवी को भी इस मामले में आरोपित बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने आठ अक्टूबर को जोगसर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। आवेदन में फर्जी शिक्षिका के नाम पर वेतन भुगतान कर सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया गया है।
**दो महीने में 90 लाख से अधिक का भुगतान**
जांच के दौरान सामने आया कि कथित फर्जी शिक्षिका के बैंक खाते में जुलाई 2026 में 43,62,168 रुपये और अगस्त 2026 में 46,95,775 रुपये का भुगतान किया गया। पहले किए गए भुगतान को जोड़ने पर कुल राशि 98,12,773 रुपये बताई गई है। दस्तावेजों की जांच में संबंधित शिक्षिका के फर्जी होने की बात सामने आने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई।
**लॉगिन आईडी के दुरुपयोग का आरोप**
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के आवेदन के मुताबिक, सेवामुक्त ऑपरेटर अविनाश राज पर कार्यालय के कर्मियों की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर कथित फर्जी शिक्षिका का नाम वेतन पाने वालों की सूची में जोड़ने का आरोप है। आवेदन में एचआरए और सीटीए की राशि बढ़ाने का भी उल्लेख किया गया है। इस प्रक्रिया में लिपिक शिशिर कुमार झा की लॉगिन आईडी के इस्तेमाल की बात कही गई है।
वेतन भुगतान की मंजूरी और निगरानी में डीपीओ स्थापना तथा डीईओ की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।
**बैंक खातों और HRMS की जांच जारी**
गुरुवार देर रात तक जिला शिक्षा विभाग और प्रमंडलीय टीम के अधिकारी जोगसर थाने में मौजूद रहे। डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि अविनाश राज को बांका जिले से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, वेतन भुगतान और एचआरएमएस में किए गए बदलावों की जांच कर रही है। मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका और सरकारी राशि के कथित गबन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।





