
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने के बाद भागलपुर से जाह्नवी चौक घाट के बीच यात्रियों की आवाजाही के लिए फेरी सेवा शुरू की गई है। जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए 12 जहाजों के परिचालन की बात कही गई थी, लेकिन यात्रियों का दावा है कि गंगा में फिलहाल महज तीन से चार जहाज ही चलते नजर आ रहे हैं। इसका असर घाटों पर लग रही लंबी कतारों और यात्रियों के इंतजार के रूप में दिखाई दे रहा है।
जाह्नवी चौक घाट पर यात्रियों को घंटों जहाज का इंतजार करना पड़ रहा है। एक दूध विक्रेता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह सुबह करीब 9 बजे घाट पहुंच गए थे। जहाज का इंतजार करते-करते दोपहर 12 बज गया और भागलपुर पहुंचते-पहुंचते करीब 2 बज गए। इस दौरान घरों में दूध पहुंचाने में देरी हुई और उनका दूध फट गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दूध विक्रेता ने बताया कि नुकसान के बाद वह दोबारा घाट लौटे और करीब 3:30 बजे से लाइन में खड़े हैं। शाम के 5 बजने को हैं और अब जाकर जहाज पर चढ़ने की उम्मीद नजर आ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि जितने जहाज चलाने की बात कही गई है, उतने जहाज वास्तव में गंगा में संचालित किए जाएं, ताकि यात्रियों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
वहीं, एक अन्य यात्री ने भी फेरी सेवा में हो रही देरी को लेकर परेशानी जताई। यात्री के अनुसार वह करीब एक घंटे से लाइन में खड़े हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से 12 जहाज चलाने की बात कही गई है, लेकिन धरातल पर यात्रियों को अब भी इंतजार और भीड़ का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि पुल बंद होने के बाद फेरी सेवा ही भागलपुर और जाह्नवी चौक के बीच आवाजाही का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। ऐसे में जहाजों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को राहत मिल सकती है और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों का समय व आर्थिक नुकसान भी कम हो सकता है।





