पलामू/झारखंड। आम लोगों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने बुधवार को विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र के सोरडीहा स्थित राहत अस्पताल में औचक छापेमारी की। सदर अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं पाए जाने का दावा किया। इसके बाद अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों का इलाज किए जाने के साथ विभिन्न चिकित्सकीय जांच और अल्ट्रासाउंड की प्रक्रिया संचालित किए जाने की बात सामने आई। टीम ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकीय उपकरणों और अन्य संबंधित सामग्रियों की भी जांच की। मौके पर मिले तथ्यों और सामग्रियों की वीडियोग्राफी कराकर साक्ष्य सुरक्षित किए गए।
इसके बाद संबंधित सामग्रियों की सूची तैयार कर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर मनोज थॉमस कंडुलना द्वारा विश्रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त पलामू के निर्देश पर सदर एसडीएम मेदिनीनगर ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम अनुमति, पंजीकरण अथवा निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का उल्लंघन कर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इसके दायरे में अस्पताल, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, एक्स-रे केंद्र और पैथोलॉजिकल केंद्र शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान अंचल अधिकारी राकेश तिवारी, विश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार दुबे, नौगढ़ ओपी प्रभारी सुशील उरांव, एएसआई रामचंद्र चौधरी, अंचल निरीक्षक समेत कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्थान में इलाज कराने से पहले संस्थान का पंजीकरण, चिकित्सक की वैधता और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की अधिकृत अनुमति की जानकारी जरूर लें।
संवाददाता – सत्यम शुक्ला, पलामू





