बक्सर में वामन द्वादशी के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले वामनेश्वर मंदिर में भगवान वामन की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इसके बाद उन्होंने सोन कैनाल का निरीक्षण किया और चुरामनपुर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान करीब 92 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया.
बक्सर कनेक्टिविटी पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वामन महोत्सव के पावन अवसर पर वे भगवान वामन का आशीर्वाद लेने बक्सर पहुंचे हैं. उन्होंने बक्सर की कनेक्टिविटी को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. मुख्यमंत्री के मुताबिक बक्सर को अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ने के लिए बक्सर-कोइलवर फोरलेन एक्सप्रेसवे और बक्सर-आरा-जमुई होते हुए भागलपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में बड़ा निर्णय लिया जाएगा.
मंदिर और सोन कैनाल का निरीक्षण
वामनेश्वर मंदिर में पूजा के बाद मुख्यमंत्री का काफिला नाथ बाबा मंदिर पहुंचा. इसके बाद उन्होंने सोन कैनाल का निरीक्षण किया. प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पिछले कई दिनों से शहर में साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का काम कराया जा रहा था. सड़क किनारे की दीवारों की पेंटिंग के साथ सोन कैनाल की सफाई भी कराई गई.
92 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
मुख्यमंत्री चुरामनपुर में जिला प्रशासन के कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने पंचायत सरकार भवन और जीविका भवन का निरीक्षण किया तथा जीविका दीदियों और लाभार्थियों से संवाद किया. इस दौरान करीब 92 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया. उन्होंने पुलिस दीदी, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों को भी प्रोत्साहित किया.
सुरक्षा के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. वीआईपी सुरक्षा के कारण मंदिर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे उपवास रखकर भगवान वामन के दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बाहर रोक दिया गया.
वामन कॉरिडोर की उम्मीद
समाजसेवी श्रवण तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे से बक्सर में विकास और वामन कॉरिडोर को लेकर उम्मीद बढ़ी है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वामनेश्वर मंदिर को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठाएगी.






