जामताड़ा शहर के कायस्थपाड़ा स्थित राउत पाड़ा में ‘मेरा समिति’ की ओर से आयोजित सात दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव का भावपूर्ण माहौल में समापन हो गया। सातवें दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से भगवान गणेश की प्रतिमा को विदाई दी। इस दौरान पूरा इलाका ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठा।
समिति के सदस्य सचिन राउत ने बताया कि कायस्थपाड़ा में गणेश पूजा की शुरुआत वर्ष 1979 में मोहल्ले के राउत परिवार के सदस्यों ने की थी। तब से लगातार 47 वर्षों से ‘मेरा समिति’ के सदस्य इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। हर वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां श्रद्धा और उत्साह के साथ महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
समिति के सदस्य प्रदीप राउत ने बताया कि इस वर्ष भी गणेश महोत्सव का आयोजन पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ किया गया। सात दिनों तक पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
विसर्जन से पहले मोहल्ले की महिलाओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा को तिलक लगाया और आरती व पूजा-अर्चना की। इसके बाद भावुक माहौल में श्रद्धालुओं ने बप्पा को विदाई दी। ढोल-ताशे की थाप और जयकारों के बीच गणेश प्रतिमा के साथ शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु पूरे बाजार का भ्रमण करते हुए स्थानीय राजा बांध तालाब पहुंचे।
राजा बांध तालाब पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की कामना भी दिखाई दी।
विसर्जन कार्यक्रम में ‘मेरा समिति’ के मुख्य सदस्य प्रमोद राउत, राजा राउत, ब्रजेश राउत, जीतू, अंश, राज, विष्णु राउत, प्रीतम, करण राउत, विनय राउत, सोनू राउत, राजीव राउत, दिव्यज्योति सरकार, रोहित बाउरी, राहुल कुमार, बजरंगी और देव सहित मोहल्ले के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
जामताड़ा | संतोष कुमार






