सहरसा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को डीबी रोड स्थित पूजा रिसोर्ट में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नवमी कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मुख्य शिक्षक विष्णु कांत मिश्रा ने किया। इस दौरान योग एवं व्यायाम के साथ विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। नगर कार्यवाह श्रवण कुमार ने युवाओं को शारीरिक योग एवं व्यायाम कराया। सम्मेलन में सामूहिक गीत ‘जाग रहा है जन गण मन’, ‘निश्चित होगा परिवर्तन’ और ‘देश हमें देता है सब कुछ, हम भी कुछ देना सीखें’ का गायन भी किया गया।
विभाग प्रचारक सुमित कुमार ने युवाओं को बौद्धिक मार्गदर्शन देते हुए कहा कि देशहित में तन, मन, बुद्धि और विवेक के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गलत निर्णय और गलत मार्ग व्यक्ति को जीवन के दुष्चक्र में फंसा सकते हैं। विकसित भारत के लिए सभी को साथ लेकर निस्वार्थ भाव से कार्य करने की आवश्यकता है।
सुमित कुमार ने कहा कि देशभक्ति भारत की प्राचीन परंपरा रही है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से व्यक्ति निर्माण और संस्कार के माध्यम से समाज में राष्ट्रभाव को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने युवाओं को देश के विकास और आत्मनिर्भरता में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में जिले की सभी पंचायतों में संघ कार्य को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूर्णकालिक, अल्पकालिक और अंशकालिक कार्यकर्ताओं की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने युवाओं को संघ द्वारा बताए गए पांच सामाजिक परिवर्तन के विषयों को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
कार्यक्रम में जिलासंचालक सतीश चंद्र वर्मा, नगरसंचालक इंजीनियर रामेश्वर ठाकुर, जिला बौद्धिक प्रमुख ज्ञान प्रकाश, सुभाष चंद्र सिंह, जिला कार्यवाह विद्यावरण सिंह, रोशन कुमार खां, माधव मिश्र, डॉ. मुरारी कुमार, सुनील कुमार, प्रवीण कुमार झा, अमित कुमार, प्रोफेसर गौतम कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।






