भागलपुर। बिहार में बाढ़ की भीषण स्थिति के बीच प्रभावित परिवारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई परिवारों के घर बाढ़ के पानी में डूबने या प्रभावित होने के कारण उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे समय में सामाजिक संस्था मां आनंदी ने राहत और मदद का हाथ बढ़ाया।
संस्था की ओर से सबौर स्टेशन चौक पर बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री वितरण शिविर का आयोजन किया गया। संस्था पिछले कई वर्षों से सामाजिक उत्थान और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए विभिन्न कार्य करती रही है। इसी कड़ी में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए शिविर लगाकर वास्तविक जरूरतमंद और बेघर हो चुके लोगों तक सहायता पहुंचाई गई।
राहत वितरण को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए सबौर के कुछ गणमान्य लोगों की मदद ली गई। उनके सहयोग से बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों को चिन्हित किया गया। इसके बाद सैकड़ों लोगों के बीच संस्था की ओर से कपड़े, पैंट-शर्ट, साड़ी, सूखा राशन और पौष्टिक भोजन सहित आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
इस दौरान संस्था की ओर से कहा गया कि बाढ़ के समय राहत सामग्री प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सहारा जरूर है, लेकिन हर साल बाढ़ की समस्या झेलने वाले लोगों को स्थायी समाधान और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
संस्था ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल करते हुए कहा कि यदि बाढ़ से बचाव के लिए पहले से पुख्ता इंतजाम और स्थायी सुविधाएं विकसित की जाएं तो हर वर्ष आम लोगों को अपना घर-बार छोड़कर सड़कों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
कार्यक्रम में मां आनंदी संस्था की संस्थापिका प्रिया सोनी, वेटरेंट इंडिया के कई सदस्य और संस्था के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। संस्था ने कहा कि बाढ़ प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों की हरसंभव मदद आगे भी जारी रखी जाएगी। राहत शिविर के माध्यम से संस्था ने मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।






