भागलपुर। जिले के अकबरनगर और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। कई गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसी बीच रविवार दोपहर पानी के तेज दबाव के कारण श्रीरामपुर रिंग बांध अचानक टूट गया, जिसके बाद श्रीरामपुर गांव में तेजी से बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया और देखते ही देखते पूरा इलाका जलमग्न हो गया।
रिंग बांध टूटने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक घरों में पानी घुसने से ग्रामीण अपने जरूरी सामान और घरेलू सामग्री को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांध टूटने से सात हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के सामने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की मजबूरी खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से बाढ़ के पानी में लगातार वृद्धि हो रही थी। पानी का स्तर बढ़ने के साथ ही श्रीरामपुर रिंग बांध पर दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। रविवार दोपहर ग्रामीणों ने बांध पर पानी का बढ़ता दबाव देखकर इसे बचाने के लिए अपने स्तर से काफी प्रयास किया।
ग्रामीणों का कहना है कि काफी कोशिशों के बावजूद बांध पर पानी का दबाव कम नहीं हुआ। अचानक बांध में दरार पड़ गई और कुछ ही देर में पानी ने बांध को तोड़ दिया। इसके बाद तेज गति से पानी गांव की ओर बढ़ने लगा और देखते ही देखते कई इलाकों में पानी फैल गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बांध को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय अधिकारियों को पहले ही इसकी जानकारी दी गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि बांध पर बढ़ते पानी के दबाव और खतरे की सूचना प्रशासन को दी गई, लेकिन समय रहते बांध को बचाने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए।
बांध टूटने के बाद ग्रामीणों में प्रशासन को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। वहीं, बाढ़ के पानी के तेजी से फैलने के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के सामने अब सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के साथ-साथ खाने-पीने की सामग्री, पशुओं की सुरक्षा और राहत व्यवस्था की बड़ी चुनौती है। प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत और बचाव पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।






