भागलपुर। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब भागलपुर के शहरी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। भागलपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 21 स्थित दीपनगर महादलित बस्ती में गंगा के पानी का फैलाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बस्ती के कई घरों में तीन से चार फीट तक पानी पहुंच चुका है, जिससे लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
बाढ़ के पानी के बीच स्थानीय लोगों को अपने घरों में रहने और रोजमर्रा के काम करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी भर जाने के कारण लोगों के सामने खाने-पीने से लेकर सुरक्षित रहने तक की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि वे किसी तरह इन मुश्किल हालातों के बीच अपना जीवन गुजार रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद अब तक न तो जिला प्रशासन और न ही कोई जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने पहुंचा है। लोगों का कहना है कि बस्ती में लगातार पानी बढ़ रहा है, लेकिन उन्हें राहत सामग्री या जरूरी सहायता नहीं मिल रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों ने बताया कि घरों में पानी भरने के कारण खाने-पीने की चीजों की भी भारी कमी हो गई है। कई परिवारों के सामने भोजन का संकट है और वे एक-एक दाने के लिए परेशान हैं। इसके साथ ही पानी में कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव-जंतुओं के आने का डर भी लोगों को लगातार सता रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं।
वहीं, बाढ़ का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। स्थानीय छात्र प्रेम ने बताया कि बाढ़ के कारण उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है। स्कूल और ट्यूशन जाने के दौरान पानी के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ पीड़ितों ने जिला प्रशासन और सरकार से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। लोगों की मांग है कि बस्ती में राहत सामग्री, भोजन, पीने का पानी, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए, ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।






