बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया शहर की शिवपुर कॉलोनी, वार्ड नंबर 13 में रविवार को एक नवविवाहिता अपने ही ससुराल के दरवाजे पर धरने पर बैठ गई। महिला की पहचान निधि सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ससुराल पहुंचने के बाद घर का दरवाजा बंद कर दिए जाने से नाराज निधि ने वहीं बैठकर अपने ससुराल में प्रवेश की मांग की।
जानकारी के अनुसार, निधि सिंह की शादी 7 मार्च 2025 को हिंदू रीति-रिवाज से अकोढ़ी निवासी आलोक कुमार सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद विदाई होने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से उन्हें लेने के लिए कोई नहीं आया। परिवार के अनुसार, इसके बाद पति ने भी उनसे दूरी बना ली और दोनों के बीच संपर्क नहीं रहा।
काफी समय तक इंतजार करने के बाद रविवार को निधि अपने मायके के लोगों के साथ ससुराल पहुंचीं। आरोप है कि उनके पहुंचते ही घर का दरवाजा बंद कर दिया गया। काफी प्रयास के बावजूद जब दरवाजा नहीं खोला गया तो निधि ने ससुराल के दरवाजे पर ही बैठकर धरना शुरू कर दिया।
बताया गया कि नवविवाहिता करीब 10 घंटे तक दरवाजे के बाहर बैठी रहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह उनका घर है और वह अपने ससुराल में ही रहेंगी। उनका कहना था कि जब तक घर का दरवाजा नहीं खोला जाता, वह वहां से वापस नहीं जाएंगी।
निधि के पिता मनोज सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए करीब 40 लाख रुपये खर्च किए थे। उनका कहना है कि शिक्षक दामाद की तलाश कर बेटी की शादी की गई, लेकिन अब ससुराल पक्ष कथित तौर पर जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है।
पिता ने कहा कि वह अपनी बेटी को अकेले वापस नहीं ले जाएंगे। हालांकि, परिवार की ओर से फिलहाल मामले में किसी तरह का केस दर्ज कराने की इच्छा नहीं जताई गई है। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और मामला चर्चा का विषय बन गया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि परिवार और ससुराल पक्ष के बीच विवाद का समाधान किस तरह होता है।





