भागलपुर: नवगछिया के राघोपुर इलाके में गंगा का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। तेज धार और भीषण कटाव के कारण करीब एक सदी पुराने चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर देखते ही देखते गंगा की धारा में समा गए। वर्षों से इन मंदिरों से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई थी। मंदिरों के नदी में समाने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, गंगा की तेज धार ने पहले मंदिर के आसपास की जमीन को काटना शुरू किया और देखते ही देखते पूरा हिस्सा कमजोर हो गया। इसके बाद मंदिर का बड़ा हिस्सा जमीन समेत नदी में समा गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ ही सेकंड में मंदिर के गंगा में समाने का मंजर दिखाई दे रहा है।
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे राघोपुर पहुंचीं और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कटाव की स्थिति, प्रभावित परिवारों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि कटाव से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों में ले जाया जा रहा है। जिन लोगों के मकान कटाव प्रभावित क्षेत्र में हैं, उनसे भी सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।
गंगा की तेज धारा के कारण राघोपुर में कटाव का खतरा अभी भी बना हुआ है। लगातार जमीन कटने से स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को अपने घर और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर डर सता रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत-बचाव कार्य किए जा रहे हैं।






