सहरसा। पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) की पुनर्बहाली की मांग को लेकर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, जिला शाखा सहरसा ने मुख्यमंत्री के नाम जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त कर राज्य के सभी संबंधित कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।
महासंघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2004 से कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू की थी। बिहार में भी 1 सितंबर 2005 से नई पेंशन व्यवस्था लागू की गई। संगठन का कहना है कि पुरानी पेंशन समाप्त होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हुई है।
महासंघ ने नई पेंशन व्यवस्था को अंशदायी एवं बाजार आधारित व्यवस्था बताते हुए कहा कि इसके तहत कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत अंशदान तथा बिहार सरकार की ओर से 14 प्रतिशत नियोक्ता अंशदान पेंशन फंड में जमा किया जाता है। संगठन का तर्क है कि इस व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन की निश्चितता प्रभावित होती है, जिससे कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
ज्ञापन में महासंघ ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि कर्मचारियों के वेतन से काटे गए 10 प्रतिशत अंशदान और बिहार सरकार द्वारा दिए गए 14 प्रतिशत नियोक्ता अंशदान की राशि वापस कर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में शामिल किया जाए। दूसरी मांग सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन अधिकारों की रक्षा के लिए PFRDA कानून को समाप्त करने की है। तीसरी मांग बिहार में लागू NPS को समाप्त कर सभी संबंधित राज्यकर्मियों के लिए OPS बहाल करने की है।
महासंघ ने कहा कि 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के हकदार हैं। संगठन ने सरकार से कर्मचारियों एवं शिक्षकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
ज्ञापन बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, जिला शाखा सहरसा की ओर से जिला मंत्री विजय कुमार के हस्ताक्षर से सौंपा गया।






