बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि TRE-4 परीक्षा इस बार एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इससे परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। सरकार ने छात्रों की मांगों पर विचार करते हुए निर्णय लिया है कि TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार ने नौ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
सरकार ने विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया है। यह समिति पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित की गई है। समिति विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी अनुशंसाएं देगी।
इसके अलावा छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। सरकार का दावा है कि इन माध्यमों के जरिए विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के हित, उनकी समस्याओं के समाधान और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। TRE-4 परीक्षा एकल चरण में कराने के निर्णय से शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से चली आ रही मांग पर फिलहाल विराम लगने की उम्मीद है।






