झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) से जुड़े कैडरों ने मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारियों और आजीविका महिला संकुल स्तरीय समितियों को मांग पत्र सौंपा है। कैडरों का कहना है कि वे वर्ष 2018 से ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन लंबे समय से मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
पांडू प्रखंड के कैडर संघ ने कहा कि वर्तमान मानदेय दैनिक मजदूरी के बराबर भी नहीं है। संघ के मुताबिक निर्धारित कार्यों के अलावा कैडरों से कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी ली जाती हैं, लेकिन उसके लिए अलग से भुगतान नहीं किया जाता। संघ ने कुशल कैडरों के लिए न्यूनतम 800 रुपये प्रतिदिन तथा अकुशल और अनुभवी कैडरों के लिए 400 रुपये प्रतिदिन मानदेय निर्धारित करने की मांग की है। इसके साथ ही यात्रा भत्ता, मोबाइल खर्च और अतिरिक्त कार्य के लिए अलग से भुगतान की मांग रखी गई है।
वहीं, बिश्रामपुर जेएसएलपीएस कैडर संघ ने अध्यक्ष दीपिका देवी और सचिव संध्या देवी के नेतृत्व में 25 अगस्त को मांग पत्र सौंपा। इसमें सीआरपी, बैंक सखी, जीसीआरपी, एफएलसीआरपी, बीडीएसपी, एडब्ल्यू, यूपीसीएम, जेआरपी, सेतु दीदी, बीओए, एकेएम और एपीएस समेत अन्य कैडरों के मानदेय में महंगाई को देखते हुए 100 प्रतिशत वृद्धि की मांग की गई है।
संघ ने मानदेय का भुगतान सीधे व्यक्तिगत बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से करने और प्रत्येक माह की 10 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा प्रत्येक कैडर को 20 लाख रुपये का बीमा, सरकारी अवकाश का लाभ तथा जीसीआरपी को जेएसएलपीएस के एफटीई स्टाफ के रूप में समायोजित करने की मांग भी शामिल है।
मांग पत्र की प्रतिलिपि संबंधित सीएलएफ, बीएमएम, डीएमएम, प्रखंड विकास पदाधिकारी और एसएमएमयू, जेएसएलपीएस को भेजी गई है। कैडर संघ ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलनात्मक रुख अपनाने को मजबूर होंगे।






