
भागलपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। गंगा का पानी अब ग्रामीण इलाकों से निकलकर धीरे-धीरे शहरी क्षेत्र के निचले मोहल्लों तक पहुंचने लगा है। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। नाथनगर प्रखंड के कई गांव पहले ही बाढ़ के पानी की चपेट में आ चुके हैं, वहीं अब इसका असर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) परिसर में भी दिखाई देने लगा है।
विश्वविद्यालय परिसर के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। परिसर में पानी पहुंचने से छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बीच भी चिंता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि अगर गंगा के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो विश्वविद्यालय के अन्य हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर भागलपुर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कई जगहों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका असर पड़ने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा का पानी लगातार बढ़ने से आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों को अपने घर और आसपास के इलाकों में पानी की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
इधर, प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही जा रही है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर ने भागलपुर में चिंता बढ़ा दी है और यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो शहर के अन्य निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है।





