धनबाद के लिए गर्व की खबर है। मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए हुआ है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को राष्ट्रपति उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षक सम्मान से सम्मानित करेंगी।
मुनमुन भट्टाचार्या वर्ष 2019 से बरमसिया मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने नवाचार और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के जरिए स्कूल की तस्वीर बदलने का प्रयास किया। उन्होंने टीचिंग लर्निंग मटेरियल यानी टीएलएम तैयार कर पढ़ाई को बच्चों के लिए रोचक और प्रभावी बनाया। इसके साथ ही कंप्यूटर आधारित शिक्षण और पुस्तकालय के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया।
मुनमुन ने विद्यालय में बाल संसद को सक्रिय करने के साथ पोषक क्षेत्र के शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पर्यावरण संरक्षण के लिए स्कूल परिसर में पोषण वाटिका तैयार कराई गई, वहीं जल संरक्षण को लेकर भी बच्चों को जागरूक किया गया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सीखने की रुचि विकसित करने का प्रयास किया गया।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। झारखंड से पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें मुनमुन भट्टाचार्या का चयन हुआ है।
सम्मान समारोह का आमंत्रण उन्हें ईमेल के माध्यम से मिला है। उन्हें 3 सितंबर तक दिल्ली पहुंचना है और वह 2 सितंबर को धनबाद से रवाना होंगी।
मुनमुन भट्टाचार्या ने कहा कि यह पुरस्कार सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार का सम्मान है। शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल हुई है।सीमित संसाधनों में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और बच्चों के सर्वांगीण विकास की उनकी कोशिश अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने जा रही है। 5 सितंबर को राष्ट्रपति के हाथों मिलने वाला यह सम्मान धनबाद और पूरे झारखंड के लिए गौरव का पल होगा।








