मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में तीन महीने से रहस्यमय तरीके से लापता लैपटॉप कारोबारी मनोज भगत और उनकी पत्नी मीनू देवी की गुमशुदगी की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति विवाद में मनोज के छोटे भाई अविनाश उर्फ अनुज भगत ने ही दोनों की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को बनारस से गिरफ्तार किया है।
आरोपी की निशानदेही पर बोचहां थाना क्षेत्र में दरभंगा फोरलेन किनारे मुरादपुर चौक के पास राधा स्वामी सत्संग आश्रम के निकट झाड़ियों से दोनों के कंकाल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शवों को बेडशीट और कंबल में लपेटकर गाड़ी से वहां ले जाकर फेंक दिया गया था। अब डीएनए जांच से मृतकों की पहचान की पुष्टि कराई जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनोज भगत का ब्रह्मपुरा में बथुआ नर्सिंग होम के सामने भगत मार्केट है। इसी मार्केट और पैतृक संपत्ति को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस इसे हत्या की मुख्य वजह मान रही है।
20 मई की रात मनोज और मीनू अचानक लापता हो गए थे। दोनों के मोबाइल भी बंद मिले। उनकी बेटी शेफाली ने 22 मई को ब्रह्मपुरा थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान घर के कमरे और छत पर खून के धब्बे मिले। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की जांच में खून इंसानी होने की पुष्टि हुई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अविनाश ने हत्या की बात स्वीकार की। बताया गया कि विवाद के दौरान उसने पहले मनोज की हत्या की। मीनू जान बचाने के लिए छत पर भागीं, लेकिन आरोपी ने वहां पहुंचकर उनकी भी हत्या कर दी।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वारदात में अविनाश के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और शवों को ठिकाने लगाने में किसकी भूमिका रही।






