बिहार के सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत के समीप कोसी नदी में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन के शिकार का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि दो मछुआरों के जाल में गांगेय डॉल्फिन फंस गई थी। इसके बाद डॉल्फिन को नाव पर लादकर ले जाया गया और उसका तेल निकालने का प्रयास किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त टीम को मौके पर आरोपी नहीं मिले। टीम के पहुंचने से पहले ही सभी फरार हो चुके थे। वहीं, मृत डॉल्फिन भी घटनास्थल से बरामद नहीं हो सकी।
वन विभाग की रेंज ऑफिसर वीरेंद्र राय ने बताया कि शुक्रवार को मामले की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही टीम को घटनास्थल पर भेजा गया, लेकिन नदी क्षेत्र में पानी अधिक होने के कारण वाहन वहां तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद से लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। सोमवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे वीरेंद्र मुखिया की तलाश में वन विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि गांगेय डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। वर्ष 2009 में इसे राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा दिया गया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत इसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इसका शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
वन विभाग ने कोसी नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल मृत डॉल्फिन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।






