पवित्र सावन महीने की अंतिम सोमवारी पर बिहार के तमाम शिव मंदिरों में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध गरीबनाथ धाम, लखीसराय के अशोक धाम और मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम में बाबा भोलेनाथ पर जलार्पण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसी बीच मधेपुरा के प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वर धाम मंदिर में जलाभिषेक के दौरान अचानक अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
जानकारी के अनुसार, सिंहेश्वर धाम मंदिर परिसर में प्रशासन की उम्मीद से अधिक श्रद्धालुओं के एक साथ प्रवेश करने के कारण भीड़ अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बनने लगी। अचानक मची अफरा-तफरी के कारण कई श्रद्धालुओं के चोटिल होने की सूचना है।
स्थिति बिगड़ते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए मंदिर परिसर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, मामूली रूप से घायल श्रद्धालुओं को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
इस घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी गई है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले सोमवार को लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में जलाभिषेक के दौरान मची भगदड़ में सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस बड़े हादसे के बाद राज्य प्रशासन ने सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
सिंहेश्वर धाम में हुई अफरा-तफरी ने एक बार फिर मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और श्रद्धालुओं से शांति एवं धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।






