
भागलपुर समाहरणालय के मुख्य गेट पर कल उस वक्त हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब तातारपुर थाना की पुलिस एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर जाने लगी। आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास को काले कोट में कथित तौर पर घसीटते हुए मौके से ले गई। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास एक मामले में आरोपी हैं और तातारपुर थाना पुलिस काफी समय से उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि अधिवक्ता न्यायालय गेट के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी।
इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ता को जिस तरह से पकड़कर ले जाने की कार्रवाई की, उससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी फैल गई। काले कोट में एक अधिवक्ता को कथित तौर पर घसीटकर ले जाने की तस्वीर ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना को लेकर जिला विधिक संघ के महासचिव अंजनी कुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज है तो पुलिस को जिला विधिक संघ को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। संघ पुलिस की कार्रवाई में सहयोग कर सकता था।
महासचिव ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता के साथ जिस तरीके से व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि काले कोट में वकील को इस तरह घसीटकर ले जाना ऐसा प्रतीत हुआ, जैसे पुलिस किसी बड़े अपराधी को पकड़कर ले जा रही हो।
अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और अधिवक्ता के साथ किए गए व्यवहार को लेकर अधिवक्ता समुदाय में सवाल उठ रहे हैं। जिला विधिक संघ की नाराजगी के बाद मामला और गरमा गया है।





