सहरसा नवहट्टा अस्पताल के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सहरसा सदर अस्पताल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति और साफ-सफाई समेत विभिन्न बिंदुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद डीएम ने कहा कि अस्पताल की स्थिति अब काफी हद तक सामान्य है। थोड़ी बहुत समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल परिसर में जलजमाव की समस्या को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि इसे भी जल्द समाप्त किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से नाले का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बारिश या अन्य कारणों से परिसर में जमा होने वाले पानी की निकासी बेहतर तरीके से हो सके। अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण को लेकर भी योजना पर चर्चा हुई। इसके तहत पार्क का निर्माण कराने की बात कही गई, ताकि अस्पताल का वातावरण अधिक बेहतर और मरीजों के अनुकूल बनाया जा सके।
डीएम दीपेश कुमार ने कहा कि कायाकल्प कार्यक्रम के अनुरूप सहरसा सदर अस्पताल का प्रदर्शन बिहार में नंबर-1 रहा है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि रोस्टर के अनुसार लगभग सभी चिकित्सक और कर्मी उपस्थित मिले। एक-दो चिकित्सक या कर्मी जो निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं पाए गए, उनके संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अनुशासन और ड्यूटी के प्रति जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस समस्या को भी जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर आवश्यक पहल की जा रही है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।





