कोईलवर (भोजपुर)। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संकट की स्थिति में उन्हें तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को कोईलवर थाने में चाइल्ड हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। सदर-2 डीएसपी रंजीत कुमार सिंह ने फीता काटकर डेस्क का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कोईलवर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने भी हिस्सा लिया।
इस अवसर पर डीएसपी रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देश पर शुक्रवार से राज्य के सभी थानों में चाइल्ड हेल्प डेस्क की शुरुआत की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं, खतरे या किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि कोईलवर थाने की एसआई कुमारी नेहा को चाइल्ड हेल्प डेस्क का प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है। बच्चों से संबंधित शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। इसके बाद मामले की गंभीरता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1098 जारी किया गया है। स्कूल आने-जाने के दौरान या किसी अन्य स्थान पर संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि अथवा किसी तरह का खतरा महसूस होने पर छात्र-छात्राएं 1098 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना देने के लिए किसी आवेदन या सबूत को अनिवार्य नहीं किया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय बिना डर और संकोच के पुलिस को इसकी जानकारी दें। चाइल्ड हेल्प डेस्क बच्चों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता व संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए एक सुरक्षित माध्यम के रूप में काम करेगा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने छात्राओं को चाइल्ड हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली और 1098 हेल्पलाइन के उपयोग की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता लेने की अपील की।
मौके पर थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल, पर्यवेक्षी पदाधिकारी दीपक कुमार साह, एसआई जेके तिवारी, चाइल्ड हेल्प डेस्क प्रभारी एसआई कुमारी नेहा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।





