पटना में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब चार्जिंग की समस्या दूर करने की तैयारी तेज हो गई है। जिला परिवहन कार्यालय ने पटना जिले में कुल 48 स्थानों को इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सेंटर के लिए चिह्नित किया है। इनमें 22 ऐसे इलाके हैं, जहां आबादी अधिक है और इलेक्ट्रिक वाहनों की आवाजाही भी ज्यादा रहती है।
चिह्नित स्थानों पर चार्जिंग सेंटर विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। योजना के तहत पांच प्रमुख स्थानों पर करीब पांच से छह चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे, जबकि अन्य जगहों पर तीन से चार मशीनें लगाने की तैयारी है। इससे इलेक्ट्रिक कार, बाइक, स्कूटी, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों के चालकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्राथमिकता वाले इलाकों में एएन कॉलेज, बेउर मोड़, भूतनाथ रोड, सरकारी बस स्टैंड पालीगंज, नौबतपुर और पटना, हरिश्चंद्रनगर, गांधी कॉलेज, कंकड़बाग मेन रोड, खाजेकलां गंगा पथ, गर्दनीबाग और चित्रगुप्त नगर-अनीसाबाद शामिल हैं। इसके अलावा पाटलिपुत्र स्टेशन, पाटलिपुत्र बस स्टैंड, पटना जंक्शन का करबिगहिया साइड, चितकोहरा बाजार, बीएनआर रोड, जेडी विमेंस कॉलेज, राजेंद्र नगर पुल, लॉ कॉलेज रोड और हनुमान नगर समेत कई इलाकों में भी चार्जिंग सुविधा विकसित की जाएगी।
पटना में 2019 से अब तक 24,191 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इनमें करीब 10 हजार इलेक्ट्रिक बाइक और लगभग पांच हजार स्कूटी शामिल हैं। वहीं पूरे बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 1,39,593 पहुंच चुकी है।
जिला परिवहन पदाधिकारी उपेंद्र कुमार पाल के मुताबिक, 48 स्थानों का चयन कर लिया गया है और वहां चार्जिंग सेंटर बनाने की प्रक्रिया जारी है। सभी सेंटरों को गूगल मैप से जोड़ने की भी तैयारी है, ताकि वाहन चालक मोबाइल से नजदीकी चार्जिंग स्टेशन की लोकेशन आसानी से देख सकें।
चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से ईवी चालकों को बैटरी खत्म होने की चिंता कम होगी और पटना में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।






