पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के रूट पर बवाल, 100 किमी पदयात्रा पर निकले ग्रामीण

समस्तीपुर: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित रूट को लेकर समस्तीपुर के सरायरंजन में विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हाथों में काले झंडे लेकर 100 किलोमीटर की पदयात्रा पर पटना के लिए रवाना हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मौजूदा एलाइनमेंट में बदलाव कर उनके घरों, दुकानों और केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय को परियोजना की जद से बाहर किया जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि नए एलाइनमेंट के कारण सरायरंजन बाजार, झखड़ा और कंकालीपुर इलाके में करीब 150 आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर चल सकता है। वहीं, क्षेत्र के प्रमुख केएसआर महाविद्यालय का हिस्सा भी एक्सप्रेस-वे की जद में आने की बात कही जा रही है। कॉलेज में करीब 1600 छात्र पढ़ते हैं। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रभावित होने पर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए समस्तीपुर या दलसिंहसराय जाना पड़ेगा।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले एनएचएआई का सर्वे अलग रूट पर था, जिस पर किसी को आपत्ति नहीं थी। बाद में 48 से 53 किलोमीटर के बीच एलाइनमेंट में बदलाव कर सड़क को घुमावदार बनाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ खास लोगों की जमीन बचाने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि, उप-मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है और एनएचएआई की ओर से भी इस संबंध में पत्र जारी किया गया था।

ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और उप-मुख्यमंत्री विजय चौधरी के खिलाफ भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान रूट बदलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हो रही।

करीब 244.93 किलोमीटर लंबा और लगभग 28,415 करोड़ रुपये की लागत वाला यह सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पटना, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और पूर्णिया के करीब 650 गांवों से होकर गुजरने वाला है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जिसमें सैकड़ों परिवारों के घर और एक शिक्षण संस्थान का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाए।

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