
सहरसा जिले के अगवानपुर स्थित हॉर्टिकल्चर में मजदूरी करने वाले मिथिलेश पासवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हंगामा मच गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों ने करंट लगने से मौत की बात पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
मृतक के भाई महेश्वर पासवान ने बताया कि एक दिन पहले बकरी के घास खाने को लेकर बाघों यादव से मिथिलेश का विवाद हुआ था। विवाद के दौरान मारपीट भी हुई थी। इसके बाद परिजनों की ओर से हरिजन थाना में मामला दर्ज कराया गया था। महेश्वर का आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद आरोपियों की ओर से जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
परिजनों के अनुसार, मिथिलेश ने आज दिन में हॉर्टिकल्चर में काम किया था। आरोप है कि रात में उसे जबरदस्ती पंप के पास रखा गया। इसी दौरान करंट लगने की बात कहकर हल्ला होने पर परिजन मौके पर पहुंचे। महेश्वर ने बताया कि वहां मौजूद दोनों लोग आराम से नाश्ता कर रहे थे। जब उनसे मिथिलेश के बारे में पूछा गया तो कथित तौर पर उन्होंने कहा कि क्या अभी वह जिंदा है।
परिजनों का कहना है कि जब मिथिलेश को अस्पताल ले जाने की बात कही गई, तो वहां मौजूद लोगों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद परिजनों का शक और गहरा गया।
मृतक के चचेरे भाई बेचन पासवान ने आरोप लगाया कि यह सोची-समझी हत्या हो सकती है और मौत को करंट लगने की घटना का रूप देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि पिछले दिन हुए विवाद और मारपीट के मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उन पर भी अब हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। घटना की सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने में जुटी है।





