बोकारो दुगदा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश रविवार को खुलकर सामने आया। विद्यालय की छात्राओं ने मुख्यद्वार पर धरना प्रदर्शन करते हुए झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय नर्रा की छात्राओं को उनके नवनिर्मित विद्यालय भवन में जल्द से जल्द स्थानांतरित करने की मांग की।
बताया जाता है कि दुगदा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के भवन में ही झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, चंद्रपुरा नर्रा की करीब 120 छात्राएं भी अध्ययनरत हैं। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में लगभग 250 छात्राएं नामांकित हैं। ऐसे में एक ही परिसर और सीमित संसाधनों में दोनों विद्यालयों की छात्राओं के रहने और पढ़ाई करने से परेशानी बढ़ गई है।
छात्राओं के मुताबिक विद्यालय के छात्रावास में रहने के लिए महज 25 कमरे हैं। स्थिति यह है कि एक कमरे में करीब 25 से 30 छात्राओं को रहना पड़ रहा है। इससे छात्राओं को पढ़ाई करने में परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से समस्या के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से उचित पहल नहीं की गई।
धरने की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य संतोष कुमार पांडेय, बेरमो विधायक प्रतिनिधि सह चंद्रपुरा प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रभु दयाल सिंह, मुखिया रीतलाल रजक और पूर्व मुखिया गणेश दास विद्यालय पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और समाधान का भरोसा दिलाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के लिए नवनिर्मित भवन तैयार किया गया है, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
जिला परिषद सदस्य संतोष कुमार पांडेय ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि 10 सितंबर तक झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं को नए भवन में स्थानांतरित करा दिया जाएगा। इसके बाद कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को भी पर्याप्त जगह और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।
संवाददाता – चंदन सिंह







