सावन के पवित्र महीने में जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत दलाबड़ गांव में शिवभक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। यहां गांव के युवाओं ने करीब एक महीने की कड़ी मेहनत और अपनी धार्मिक आस्था से भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की विशाल मिट्टी की प्रतिमा तैयार की है। भव्य और आकर्षक प्रतिमा इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
दलाबड़ गांव के युवा पिछले कई वर्षों से सावन के दौरान भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को अनोखे तरीके से व्यक्त करते आ रहे हैं। हर वर्ष युवाओं की ओर से कुछ नया और विशेष तैयार कर उसे बाबा देवलेश्वर धाम को समर्पित किया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पिछले वर्ष युवाओं ने प्रसिद्ध देवलेश्वर मंदिर की प्रतिमूर्ति तैयार की थी। इसके बाद उसे पैदल महेश मुंडा घाट से कंधे पर लेकर पवित्र जल के साथ बाबा देवलेश्वर धाम तक पहुंचाया गया था।
इस वर्ष युवाओं ने भगवान शिव के महाकाल स्वरूप को अपनी श्रद्धा का माध्यम बनाया है। करीब एक महीने तक लगातार मेहनत कर मिट्टी से तैयार की गई विशाल प्रतिमा की भव्यता देखते ही बनती है। प्रतिमा को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग भी दलाबड़ पहुंच रहे हैं।
युवाओं ने बताया कि सोमवार को बैंड-बाजे के साथ जुलूस निकाला जाएगा। श्रद्धालु महेश मुंडा घाट पहुंचकर पवित्र जल लेकर बाबा देवलेश्वर धाम की ओर रवाना होंगे। इसी पवित्र जल से महाकाल की प्रतिमा का जलार्पण किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
युवाओं का कहना है कि भगवान शिव की भक्ति उन्हें हर साल कुछ नया करने की प्रेरणा देती है। इसी आस्था और विश्वास के साथ इस बार महाकाल की प्रतिमा तैयार की गई है। उनका उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ना भी है।
महाकाल की विशाल प्रतिमा को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है। दूर-दराज से लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। युवाओं की इस पहल से पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।
संवाददाता – संतोष कुमार, जामताड़ा







