दरभंगा: बिहार की बेटी और भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों में शामिल भावना कंठ ने एक बार फिर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। कठिन सैन्य प्रशिक्षण और लगातार चुनौतियों के बीच उन्होंने भारतीय वायुसेना का प्रतिष्ठित फाइटर कॉमबैट लीडर (FCL) कोर्स पूरा कर नई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना की पहली महिला ‘टॉप गन’ के रूप में सराहा जा रहा है।
भावना कंठ मूल रूप से दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव की रहने वाली हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और मिथिलांचल में खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों का कहना है कि भावना ने बिहार की बेटियों के लिए एक नई प्रेरणा पेश की है।
परिजनों के अनुसार, भावना की शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी विद्यालय से हुई। बाद में पिता के बेगूसराय में बिजली विभाग में कार्यरत होने के कारण वह वहां चली गईं और 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की तैयारी के लिए उन्होंने कोटा का रुख किया। माता-पिता की प्रेरणा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर उनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ।
भारत सरकार ने वर्ष 2015 में महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोली थी। इसके बाद जून 2016 में भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह देश की पहली महिला फाइटर पायलटों के ऐतिहासिक बैच का हिस्सा बनीं।
मार्च 2018 में भावना ने मिग-21 बाइसन से अपनी पहली सोलो उड़ान पूरी की। बाद में उन्होंने युद्ध अभियानों के लिए जरूरी ऑपरेशनल प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा किया। मिग-21 के साथ-साथ वह अत्याधुनिक सुखोई-30 एमकेआई जैसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान भी उड़ा चुकी हैं।
अब FCL कोर्स पूरा कर भावना कंठ ने अपने शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, अनुशासन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर हर बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।





