सहरसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक वाहन चालक ने कुछ लोगों पर अपहरण, बेरहमी से मारपीट करने और लाखों रुपये की जबरन वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं, पुलिस ने पीड़ित का फर्द बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित संजीव कुमार, जो सहरसा जिले के नंदलाली गांव के निवासी हैं, ने बताया कि वह वाहन चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके अनुसार सोमवार को एक व्यक्ति ने उनकी गाड़ी मटेश्वर जाने के लिए बुक की थी। वह सवारी को लेकर मटेश्वर पहुंचे और यात्रियों को उतारने के बाद पूजा-अर्चना कर पास के एक पेट्रोल पंप पर ईंधन भराने चले गए।
संजीव कुमार का आरोप है कि पेट्रोल पंप से निकलते ही कुछ लोगों ने उन्हें जबरन अगवा कर लिया और एक अज्ञात स्थान पर ले गए। वहां उनके साथ मारपीट की गई और पैसे की मांग की गई। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पहले उनके भाई से सहरसा जंक्शन के पास 72 हजार रुपये मंगवाए। इसके बाद जिस व्यक्ति ने गाड़ी बुक की थी, उससे महखर ढाला के पास 70 हजार रुपये लिए गए। पीड़ित का यह भी दावा है कि अगले दिन अलग-अलग खातों में फोनपे के माध्यम से 40 हजार रुपये और 98 हजार रुपये भी ट्रांसफर कराए गए।
संजीव कुमार के अनुसार जब इस घटना की चर्चा बाहर फैलने लगी तो आरोपियों ने उन्हें दोबारा पीटा और बाद में छोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान वह कुछ आरोपियों को पहचानने में सफल रहे। पीड़ित ने जिन लोगों के नाम बताए हैं उनमें सूरज यादव (गलफरिया गांव), निशांत साहू (सोनबरसा), आशीष उर्फ मकुआ और संतोष शामिल हैं।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने राइफल हाथ में लेकर फोटो खिंचवाई और धमकी दी कि यदि उन्होंने घटना की जानकारी किसी को दी या इधर-उधर करने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा। मारपीट के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और तेज दर्द होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
इधर, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और पीड़ित का फर्द बयान दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






