भागलपुर। जिले में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद विस्थापित लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। मदरोनी क्षेत्र में बाढ़ से विस्थापित होकर रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए ग्रामीण अब भी सरकारी मदद की राह देख रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां तक कि बारिश और धूप से बचने के लिए पन्नी तक नहीं मिल सकी है।
रेलवे ट्रैक के किनारे खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण उन्हें अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की तलाश में यहां आना पड़ा। कई दिनों से वे इसी जगह पर रहने को मजबूर हैं। बारिश होने पर सबसे अधिक परेशानी होती है। वहीं, तेज धूप में भी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खुले में रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक उन्हें कोई विशेष सहायता नहीं मिली है। लोगों ने बताया कि रहने के लिए न तो पर्याप्त पन्नी मिली है और न ही दूसरी जरूरी राहत सामग्री। ऐसे में परिवारों के सामने भोजन के साथ-साथ रहने और खुद को मौसम से बचाने की समस्या भी बनी हुई है।
इसी बीच समाजसेवी सुजीत सिंह मदरोनी में रेलवे ट्रैक के पास रह रहे बाढ़ विस्थापितों के बीच पहुंचे। उनके पहुंचते ही ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बतानी शुरू कर दीं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों और समाजसेवी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि कल तक मदरोनी के विस्थापित परिवारों को पन्नी और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण महिला बिछिया देवी ने भी अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बाढ़ के कारण घर छोड़ने के बाद खुले में रहने की मजबूरी है और बारिश व धूप से काफी परेशानी हो रही है। अब लोगों की नजर प्रशासन की ओर है कि उन्हें कब तक राहत मिलती है।





