वैशाली जिले की जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह अपनी अनोखी पहल ‘हमारी कलेक्टर दीदी’ के जरिए विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। हर शनिवार समाहरणालय में आयोजित होने वाली विशेष कक्षा में जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं पहुंचकर करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछते हैं। डीएम न केवल उनकी शंकाओं का समाधान करती हैं, बल्कि सफलता के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी देती हैं।
इसी कड़ी में छात्रा राजप्रिया ने डीएम से पूछा कि वह आईएएस कैसे बन सकती है। वर्षा सिंह ने विस्तार से समझाया कि सिविल सेवा की तैयारी की मजबूत नींव एनसीईआरटी की कक्षा 5 से 12 तक की पुस्तकों से रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना कोचिंग के भी सही रणनीति और निरंतर मेहनत से आईएएस बनने का सपना पूरा किया जा सकता है।
डीएम ने विद्यार्थियों को प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण समाचार-पत्र पढ़ने, समसामयिक घटनाओं पर नजर रखने और स्मार्टफोन का उपयोग केवल पढ़ाई एवं ऑनलाइन सीखने के लिए करने की सलाह दी। परीक्षा के समय तनाव से बचने, पर्याप्त विश्राम करने और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में छात्रा अनुष्का प्रिया ने कहा कि पहले उन्हें कलेक्टर से मिलने में डर लगता था, लेकिन मुलाकात के बाद महसूस हुआ कि “कलेक्टर दीदी” बच्चों की हर बात ध्यान से सुनती हैं और उन्हें सही दिशा देती हैं। विद्यार्थियों ने स्कूलों में नियमित डाउट सेशन शुरू करने की भी मांग रखी।
कार्यशाला के दौरान डीएम ने विद्यार्थियों को सैंपल प्रश्न-पत्र, नोटबुक और पेन भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। जरूरत पड़ने पर शिक्षा ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर भी उच्च शिक्षा हासिल की जा सकती है।
‘हमारी कलेक्टर दीदी’ पहल से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भविष्य में आईएएस और जिला पदाधिकारी बनने का संकल्प व्यक्त किया। यह संवादात्मक पहल वैशाली के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और बड़े सपने देखने का साहस जगा रही है।





