
नई दिल्ली: फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 मंगलवार को अचानक भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। उड़ान के दौरान विमान को तेज झटके लगे, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए और विमान में चीख-पुकार शुरू हो गई। हालांकि पायलट की सूझबूझ और प्रशिक्षण के चलते एयरबस A320 ने 134 यात्रियों के साथ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
लैंडिंग के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर मेडिकल टीमें तैनात कर दी गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 10 यात्रियों और चालक दल के 2 सदस्यों को एहतियात के तौर पर मेडिकल जांच के लिए एयरपोर्ट स्थित मेडिकल सेंटर और अस्पताल भेजा गया। एयर इंडिया ने बताया कि किसी यात्री को गंभीर चोट आने की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों का इलाज और जांच जारी है।
फ्लाइट में मौजूद यात्री प्रिंस चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि कई लोगों को गंभीर चोटें लगीं और कुछ यात्रियों को स्ट्रेचर तथा व्हीलचेयर की मदद से विमान से बाहर लाया गया। उन्होंने कहा कि उस समय सभी यात्रियों के मन में सुरक्षित लैंडिंग को लेकर डर बना हुआ था और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं वसंत कुंज स्थित फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल अस्पताल ने बताया कि एयर इंडिया से अलर्ट मिलने के बाद इमरजेंसी व्यवस्था सक्रिय कर दी गई थी। अब तक सात यात्रियों को भर्ती किया गया है। अस्पताल की मेडिकल और प्रशासनिक टीमें यात्रियों की जांच, इलाज और उनके परिजनों से समन्वय में जुटी हैं। सभी मरीजों की विस्तृत जांच के बाद ही चोटों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या होता है टर्बुलेंस?
टर्बुलेंस यानी हवा के बहाव में अचानक आने वाला अस्थिर बदलाव। इसे सड़क के गड्ढों से गुजरती गाड़ी के झटकों की तरह समझा जा सकता है। तेज हवाएं, बादल, तापमान और वायुदाब में बदलाव के कारण विमान को अचानक झटके लग सकते हैं। हालांकि आधुनिक विमान ऐसे हालात का सामना करने के लिए बनाए जाते हैं और पायलट भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होते हैं। इसलिए अधिकांश मामलों में टर्बुलेंस असहज जरूर होता है, लेकिन यह विमान के सुरक्षित संचालन के लिए सामान्य चुनौती मानी जाती है।





