झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक, पद्म भूषण से सम्मानित और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नायक रहे स्वर्गीय शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को पूरे राज्य के साथ-साथ बोकारो में भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कैंप-2 स्थित गुरुजी स्मृति नगर भवन परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में झामुमो के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा में बोकारो के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके संघर्षमय जीवन तथा झारखंड के निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि इसी परिसर में जल्द ही गुरुजी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों और संघर्षों से प्रेरणा ले सकें।
सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गुरुजी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि वे झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन की रक्षा, शिक्षा के प्रसार और नशामुक्त समाज के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाज के वंचित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया तथा लोगों को शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित किया।
वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय शिबू सोरेन को देश के सबसे बड़े आदिवासी नेताओं में गिना जाता है। उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय, जनहित और झारखंड की पहचान को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा। आज आवश्यकता है कि उनके बताए आदर्शों और सिद्धांतों पर चलकर समाज को आगे बढ़ाया जाए तथा युवाओं को उनके विचारों से जोड़कर राज्य के विकास में सहभागी बनाया जाए।
कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर और गुरुजी के अधूरे सपनों को पूरा करने के संकल्प के साथ किया गया।
संवाददाता: चंदन सिंह






