सहरसा: सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर मेमू पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा सोमवार को विशेष सैलून ट्रेन से सिमरी बख्तियारपुर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ पूरी घटना की समीक्षा करते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डीआरएम ने बताया कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे समस्तीपुर से सहरसा आ रही मेमू पैसेंजर ट्रेन संख्या 63344 प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर खड़ी थी। इसी दौरान लोको पायलट को इंजन और उससे सटे कोच के बीच वाले हिस्से से धुआं निकलने की सूचना मिली। निरीक्षण करने पर नीचे आग लगी हुई पाई गई। इसके बाद रेलवे कर्मियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
घटना के समय ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। आग और धुआं फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
डीआरएम ने कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सहरसा की एफएसएल टीम, फायर ब्रिगेड, रेलवे के संरक्षा विभाग और तकनीकी विभाग की संयुक्त टीम जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के कारणों का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ट्रेन में कुल 12 कोच थे। जिस कोच में आग लगी है, उसे जांच पूरी होने तक स्टेशन पर ही सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि बाकी सुरक्षित कोचों को अलग कर परिचालन की व्यवस्था की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना को लेकर रेलवे के सभी संबंधित विभाग सतर्क हैं और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।





