झारखंड के जामताड़ा जिले में रविवार देर रात पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, साहिबगंज जेल से धनबाद जेल स्थानांतरित किए जाने के दौरान उसने पुलिस जवान का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, कैदी वाहन जामताड़ा थाना क्षेत्र की सुपायडीह पंचायत अंतर्गत मेला डंगाल गांव के पास पहुंचा था। इसी दौरान वाहन का टायर अचानक पंचर हो गया, जिसके कारण गाड़ी रोकनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि इसी मौके का फायदा उठाकर सुजीत सिन्हा ने एक जवान से हथियार छीन लिया और मौके से भागने लगा।
भागने के दौरान उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी फायरिंग की। इस दौरान सुजीत सिन्हा को कई गोलियां लगीं। घायल अवस्था में उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा के वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। घटनास्थल से फायरिंग के कई खोखे तथा छीना गया हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस ने पूरे घटनास्थल की फोरेंसिक जांच भी शुरू कर दी है।
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुजीत सिन्हा झारखंड के कई जिलों में रंगदारी, हत्या, अपहरण और अन्य संगीन अपराधों में वांछित था। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद जेल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने पुलिस पर हमला कर फरार होने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सुजीत सिन्हा की मौत के बाद जामताड़ा, धनबाद और साहिबगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस वाहन के टायर पंचर होने से लेकर मुठभेड़ तक की पूरी घटना की हर पहलू से जांच कर रही है।
संवाददाता : संतोष कुमार






