आईआईटी पटना का बड़ा कदम: 6 महीने का जनरेटिव एआई सर्टिफिकेट कोर्स शुरू, बिना कोडिंग ज्ञान भी मिलेगा दाखिला

आईआईटी पटना ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के लिए छह महीने का जनरेटिव एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स की लाइव ऑनलाइन कक्षाएं 30 अगस्त से शुरू होंगी। सबसे खास बात यह है कि इसमें दाखिले के लिए पहले से कोडिंग का ज्ञान अनिवार्य नहीं है। यानी तकनीकी और गैर-तकनीकी, दोनों पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

संस्थान के अनुसार, पाठ्यक्रम को उद्योग की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। शुरुआत एआई और जनरेटिव एआई की बुनियादी अवधारणाओं से होगी। इसके बाद प्रतिभागियों को लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), टोकनाइजेशन, रिट्रीवल ऑगमेंटेड जेनरेशन (RAG), मल्टी-मॉडल एआई, एआई एजेंट, बिजनेस ऑटोमेशन और एआई आधारित वेब एप्लिकेशन विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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यह कोर्स केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतिभागियों को 30 से अधिक आधुनिक एआई टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इनमें ChatGPT, Google Gemini, Claude, Perplexity, Meta Llama, Microsoft Copilot, Midjourney, Runway, ElevenLabs, NotebookLM, Suno, Kling AI, Veo, Pika, Bolt और Lovable जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म शामिल हैं। प्रतिभागियों को वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने का अवसर भी मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया समेत कई प्रमुख तकनीकी कंपनियों के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही दो दिन का कैंपस इमर्शन प्रोग्राम भी आयोजित होगा, जिसमें प्रतिभागी आईआईटी पटना परिसर में रहकर सीखने, उद्योग विशेषज्ञों से संवाद करने और नेटवर्किंग का अवसर प्राप्त करेंगे।

आईआईटी पटना के मुताबिक यह कार्यक्रम नो-कोड एआई डेवलपमेंट पर विशेष रूप से केंद्रित है, जिससे बिना गहन प्रोग्रामिंग ज्ञान के भी एआई समाधान तैयार करना सीखा जा सकेगा। जरूरत के अनुसार कोडिंग की बुनियादी जानकारी भी दी जाएगी।

कोर्स की फीस 79,999 रुपये निर्धारित की गई है। संस्थान ने बताया है कि भविष्य के बैचों में शुल्क बढ़ सकता है। पात्र उम्मीदवारों के लिए ईएमआई सुविधा उपलब्ध रहेगी और निर्धारित नियमों के अनुसार फीस वापसी का विकल्प भी दिया जाएगा। आईआईटी पटना का मानना है कि जनरेटिव एआई भविष्य के रोजगार और उद्योग की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण तकनीक है और यह कार्यक्रम युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा।

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