
पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान पुलिस ने निष्पक्षता नहीं बरती और उनके समर्थकों को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की गई है और संबंधित सबूत भी आयोग को सौंप दिए गए हैं।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, उनकी पार्टी के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें कई स्थानीय निवासी भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि एक स्थानीय कार्यकर्ता ललन को मतदान से पहले ही पुलिस ने घर से उठाकर थाने में बैठा दिया, जिससे वह मतदान नहीं कर सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद वार्ड संख्या-22 की नेहा भूषण ने भी आरोप लगाया कि पुलिस बिना अनुमति उनके घर में घुस गई और उन्हें बाहरी व्यक्ति बताकर परेशान किया।
पीके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जन सुराज के समर्थकों को डराने और मतदान प्रभावित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं को बार-बार गिरफ्तार करने की कोशिश की गई। उनका आरोप है कि मतदान के दौरान पुलिस की कार्रवाई के कारण शाम तीन बजे के बाद मतदान लगभग ठप हो गया और कई मतदाता वोट नहीं डाल सके।
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग से मांग की कि पटना SSP को मतगणना प्रक्रिया से अलग किया जाए। उनका कहना है कि SSP ने पूरे चुनाव के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिहार में उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे दिल्ली जाकर चुनाव आयोग से न्याय की मांग करेंगे।
चुनाव परिणाम को लेकर भी प्रशांत किशोर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस हार के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इस चुनाव में जन सुराज से प्रशांत किशोर, भाजपा से नीरज सिन्हा और राजद से रेखा गुप्ता मैदान में हैं। मतों की गिनती 3 अगस्त को होगी। इस बीच, प्रशांत किशोर की शिकायत पर चुनाव आयोग ने पटना SSP के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। अब सभी की निगाहें मतगणना और उसके नतीजों पर टिकी हैं।






