जामताड़ा सदर अस्पताल से जुड़े प्रकरण को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत समाहरणालय का घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने किया। उनके साथ पूर्व सांसद सुनील सोरेन, पूर्व विधायक सीता सोरेन, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रणधीर सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाहरणालय घेराव के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के गृह क्षेत्र के सदर अस्पताल की यह स्थिति है, तो पूरे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में बिना पैसे के आम लोगों का काम नहीं होता और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में अस्पताल से रेफर किए गए एक मरीज की मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद जब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, तो उनकी आवाज दबाने के लिए उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रणधीर सिंह ने भी स्वास्थ्य मंत्री और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने या दबाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष होकर कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
भाजपा ने सदर अस्पताल प्रकरण की निष्पक्ष जांच, भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा जामताड़ा सहित पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर जिले की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
संवाददाता – संतोष कुमार





