
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के कहरा निवासी सोनू कुमार कामत की संदिग्ध मौत के बाद गुरुवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने रिफ्यूजी कॉलोनी चौक पर युवक का शव रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जमीन विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। मृतक के पिता रामलखन कामत ने आरोप लगाया कि उनका करीब 6 कट्ठा 7 धुर जमीन को लेकर अरविंद पोद्दार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण उनके पुत्र की हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, सदर थाना प्रभारी अजय कुमार पासवान सहित भारी संख्या में पुलिस बल रिफ्यूजी कॉलोनी चौक पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान पुलिस ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि युवक का शव कहरा नाथ बाबा पोखर से बरामद हुआ है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि घटना से पहले पुलिस उनके पिता को थाना लेकर गई थी और इसी दौरान आरोपियों ने उनके भाई की हत्या कर दी। हालांकि, इस आरोप की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है।
करीब कई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन शांत हुए और सड़क जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





