पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। वोटिंग के बीच राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब मतदान से एक दिन पहले जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से प्रत्याशी प्रशांत किशोर जक्कनपुर थाने पहुंच गए। यहां उनकी थाना प्रभारी ऋतुराज सिंह से तीखी बहस हुई। जन सुराज का आरोप है कि चुनाव से पहले उनके करीब 20 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके विरोध में प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस से जवाब मांगा।
थाने में हुई बहस के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस को यह तक नहीं पता कि उनके थाने में लाए गए लोग कहां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी जिम्मेदारी से बच रहे हैं और उनके कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं। पीके ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हिरासत में लिए गए उनके किसी भी कार्यकर्ता को नुकसान पहुंचा तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जक्कनपुर थाना प्रभारी ऋतुराज सिंह की होगी और उनकी नौकरी तक जा सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से उन्हें धमकाने की कोशिश की गई।
दूसरी ओर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने चुनाव के दौरान फर्जी मतदान की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि जो मतदाता क्षेत्र से बाहर हैं या मतदान केंद्र पर मौजूद नहीं हैं, उनके नाम पर फर्जी वोट डालने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
प्रशांत किशोर के देर रात जक्कनपुर थाना पहुंचने पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सरावगी ने कहा कि शाम छह बजे के बाद चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका था, ऐसे में बाहरी लोगों की मौजूदगी और इस तरह की गतिविधियां सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सब प्रशांत किशोर की घबराहट और संभावित हार की आशंका का परिणाम है।
उधर जन सुराज ने बुधवार को दावा किया था कि पार्टी के 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि पार्टी ने गिरफ्तार किए गए नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए। फिलहाल बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के साथ-साथ आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार तेज बनी हुई है।








