जामताड़ा सदर अस्पताल में हाल ही में हुई घटना के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामले को लेकर पार्टी ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। शनिवार को नाला मंडल और पूर्वांचल नाला मंडल की अलग-अलग विशेष बैठकों में 31 जुलाई को जामताड़ा स्थित उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव करने का निर्णय लिया गया। पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन में नाला क्षेत्र से करीब 5 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे।
नाला पीडब्ल्यूडी कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष कैलाश मंडल ने की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सोमनाथ सिंह उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत खजूरी निवासी दिवंगत भाजपा नेता खिरोंद सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सोमनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के दबाव में भाजपा के निर्दोष कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और 31 जुलाई का आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगा।
वहीं, पूर्वांचल नाला मंडल की बैठक मालंचा मंदिर परिसर में मंडल अध्यक्ष किशन मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें भाजपा के पूर्व प्रत्याशी माधव चंद्र महतो मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष सहित आठ भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामला पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि जामताड़ा सदर अस्पताल की घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दबाव में डॉक्टरों द्वारा भाजपा नेताओं पर झूठा केस दर्ज कराया गया। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की।
बैठक में आंदोलन की रणनीति भी तय की गई। निर्णय लिया गया कि नाला मंडल से 4 हजार और पूर्वांचल नाला मंडल से 1 हजार कार्यकर्ता 31 जुलाई को जामताड़ा पहुंचकर डीसी और एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके लिए घर-घर जनसंपर्क अभियान और स्थानीय बैठकों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया गया।
संवाददाता : संतोष कुमार, जामताड़ा





