जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड में स्थित डाड़र मौजा के काजू बगान को लेकर बड़ी पहल की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के उपायुक्त आलोक कुमार ने शनिवार को कृषि एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 50 एकड़ में फैले काजू बगान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बगान में लगे हजारों काजू के पौधों की स्थिति, उनकी बढ़वार, फलों की गुणवत्ता और प्रति एकड़ होने वाली संभावित उपज का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर वर्तमान व्यवस्था की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष काजू की अच्छी पैदावार होने के बावजूद उन्हें कच्चे काजू को बिचौलियों के हाथ कम कीमत पर बेचना पड़ता है, जिससे उन्हें उचित लाभ नहीं मिल पाता।
इस पर उपायुक्त आलोक कुमार ने काजू प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की संभावना पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाता है तो किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
डीसी ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि प्रति एकड़ संभावित उत्पादन, किसानों की आय और प्रोसेसिंग प्लांट की व्यवहार्यता का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्र के किसानों को बंजर एवं परती भूमि पर काजू की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि जिले में काजू उत्पादन का दायरा और बढ़ाया जा सके।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि भूमि की उपयुक्तता, सिंचाई व्यवस्था, बाजार की उपलब्धता और परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाओं का आकलन कर शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, बीडीओ आकांक्षा कुमारी, सहायक अभियंता निखिल कुमार, बीटीएम सुजीत कुमार सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी समीर बाद्यकर, राजस्व कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





