सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। निर्माणाधीन पुल के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम सगी बहनों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना डरहार पंचायत के गोविंदपुर वार्ड संख्या-5 की है। मृतक बच्चियों की पहचान सात वर्षीय निभा कुमारी और चार वर्षीय निक्की कुमारी के रूप में हुई है। दोनों नंदन यादव की पुत्रियां थीं। बताया जा रहा है कि दोनों बहनें घर से पास की दुकान पर बिस्कुट खरीदने के लिए निकली थीं। रास्ते में निर्माणाधीन पुल के समीप पानी से भरे गहरे गड्ढे के पास पहुंचने पर अचानक उनका पैर फिसल गया और दोनों गड्ढे में जा गिरीं।
काफी देर तक बच्चियों के घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान दोनों बच्चियां गड्ढे में डूबी हुई मिलीं। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मां-बाप समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं।
घटना की सूचना मिलते ही डरहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुट गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गहरे गड्ढे के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी तरह का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों पर तत्काल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्दनाक हादसा न झेलना पड़े।






