नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने रंधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी धरने में शामिल हुए तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
धरना कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करने में विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
धरने में मौजूद नेताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास की ओर किए गए विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को जबरन हटाया गया और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उनका कहना था कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहिए। साथ ही, जंतर-मंतर की घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
संवाददाता: राजेश कुमार, धनबाद





